15 May, 2018

जीवन का सच (True about life)

नमस्कार दोस्तों मैं रमजोत सिंह आज आपके लिए काम की बात ले कर आया हूँ जो आपके जीवन में आपको बहुत काम आएगी तो पढ़िए ये कहानी जो है  एक आदमी और एक राजा की है।

एक बार की बात है एक आदमी का जीवन बहुत परेशानियों  से भरा था । वह बहुत दुखी रहता था । उसके दोस्त ने उसे बताया कि  वह राजा के पास जाए और उनसे सलाह ले । उस आदमी ने वैसा ही किया । वह भागा - भागा राजदरबार गया । उसने अपनी परेशानी राजा को बताई । राजा ने कुछ सोचा और जवाब दिया कि पहले तुम मेरा  एक काम करो। मेरे 100 ऊँटों की देखभाल करने वाला आज नहीं आया है इसलिए तुम आज रात मेरे ऊँटों के बाड़े में रुक जाओ । जब सब ऊँट बैठ जाए तो तुम भी  सो जाना। कल मैं तुम्हारी समस्या का निवारण करूँगा। उस आदमी ने वैसा ही किया। रात को जब सब ऊँट बैठ गए तो एक ऊँट खड़ा हो गया। जब उस आदमी ने उस ऊँट को बड़ी मुश्किल से बैठाया तो दूसरा ऊँट खड़ा हो गया । जब वह ऊँट बैठा तो कोई और ऊँट खड़ा हो गया। यह चीज़ पूरी रात चलती रही। वह पूरी रात सो न सका। जब सुबह राजा ने उस आदमी से पूछा कि रात को नींद कैसे आई? तो वह बोला "क्या ख़ाक नींद आई। कोई ऊँट खड़ा होता तो कोई बैठता है।"तब राजा ने उसे समझाया कि हमारा जीवन कठिनाईयो से भरा होता है। तो हमें इन परेशानियों के साथ जीना आना चाहिए और तब भी खुश रहना  चाहिए। उस आदमी को राजा की बात समझ आ गई और वह एक खुशहाल ज़िंदगी जीने लगा।

तो देखा दोस्तों आपने इस कहानी से क्या सीखा कि हमें परेशानियों से भागना नही, चाहिए बल्कि खुश रहते हुए जीवन में आने वाली सभी कठिनाइयों का सामना करना चाहिए ।
                                                                                                                   


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02 August, 2016

जानलेवा, खतरनाक चाईनीज़ मांझा

पतंग शब्द सुनते ही मानो मन इंद्रधनुष से सजे सात रंगों के आसमान में कहीँ खो जाता है। पर आजकल की भाग- दौड़ भरी जिन्दगी में भी हम इसी फिराक में रहते हैं कि जब भी मौका मिले, इस मन रूपी पतंग को आसमान में उड़ा सके, पर बात जब आती है शौकीन पतंगबाजों की तब तो बात ही कुछ और हो जाती है। कुछ ही दिनों में स्वतन्त्रता दिवस आने वाला है। पतंग के शौकिन इस दिन का बेसब्री से इंतज़ार करते हैं क्योकि साल में केवल इसी दिन ज्यादातर लोग पतंग उड़ाकर अपने दोस्तों और परिवार के साथ मिलकर पतंगबाजी का लुत्फ़ उठा पाते हैं।

हर किसी की कोशिश होती है की इस दिन ज़्यादा से ज़्यादा पतंगें उड़ाई जाएँ और ज़्यादा से ज़्यादा पेंच काटे जाएँ। इसीलिए हर कोई बढ़िया से बढ़िया पतंग और बढ़िया से बढ़िया मांझा खरीदता है, पर आजकल बाजार में चाईनीज़ मांझे की बहुत माँग है क्योंकि पतंगबाजी में ज्यादा से ज्यादा पेंच काटने की होड़ में पतंगबाजों की यही कोशिश रहती है कि उनकी चरखी में सबसे तेज धार का मांझा होना चाहिए। जिसके छूते ही अन्य मांझा पालक झपकते ही कट जाये, इसी प्रतिद्वन्दिता के चलते आजकल बाजारों में न काटने वाला तेज़ धार का चाइनीज़ मांझा आसानी से मिल रहा है और इसकी बिक्री व मांग भी पिछले कुछ सालों में बहुत ज्यादा बढ़ गयी है, लेकिन पतंग उड़ाने के शौकीन लोग इस बात से अनजान हैं कि इस मांझे का प्रयोग कितना घातक सिद्ध हो सकता है। इसके कहर से पक्षियों व इंसानों की जान भी जा सकती है।   

पहले तो कई बार सुना था की मांझे की चपेट में आकर कई पक्षी बुरी तरह से ज़ख्मी हो जाते हैं और बहुत से पक्षी अपनी जान तक गंवा बैठते हैं। लेकिन अब देखने में आया है की इस चाइनीज़ मांझे से हम इंसानों को भी बहुत नुकसान पहुँचता है।  पिछले दिनों मेरी आँखों के सामने दो हादसे ऐसे हुए जिन्होंने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया की इस मांझे से होने वाले नुकसान के बारे में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को कैसे बताया जाए। आप लोगों को इस मांझे के नुकसान से अवगत कराने के लिए यह लेख लिख रहा हूँ।


  


कुछ दिन पहले शाम के समय मैं कुछ सामान लेकर घर की तरफ लौट रहा था। रास्ते में एक जगह करीब दो मंजिला ऊंचाई पर सड़क के बिल्कुल ऊपर दो मकानों की छत के बीच मांझा लटक रहा था और तभी अचानक एक कबूतर आकर उस मांझे में फंस गया, मेरे साथ कुछ और लोगों ने भी इस मंज़र को देखा, लेकिन ज़्यादा ऊँचाई और व्यस्त सड़क होने के कारण जब तक हम लोग उस कबूतर की जान बचाने के लिए कुछ सोच पाते, उससे पहले ही वह पक्षी निकलने की बजाए छटपटाकर उस मांझे में बुरी फंस गया और हमारी आँखों के सामने ही कुछ देर में उसने दम तोड़ दिया।  

वहीँ दूसरी और दूसरा हादसा तब सामने आया जब अभी एक हफ्ता पहले मैं ऑफिस से घर लौटा तो मेरे चाचा के पेट में अचानक बहुत दर्द हुआ उन्हें मुझे अपने घर के नज़दीकी सरकारी हस्पताल के एमरजेंसी वार्ड में ले जाना पड़ा। वहाँ पहुचने के कुछ देर बाद ही दो - तीन युवक एक 50 - 51 साल के सरदारजी के मुँह पर दाएँ बाएँ दोनों तरफ से कपड़े से ढककर ई-रिक्शा से लेकर एमरजेंसी वार्ड के गेट से शोर मचाते हुए डॉक्टर के कमरे में ले गए। उनकी आँखों के ऊपरी हिस्से से बहुत ज्यादा खून निकल रहा था। उन लोगों में से एक के साथ एक औरत भी थी और उसके हाथों में डेढ़ - दो  साल का बच्चा था। उस औरत से पूछने पर उसने बताया की हम लोग सड़क पर अपनी गाड़ी से कहीं जा रहे थे और ये व्यक्ति हमारी गाड़ी के आगे कुछ दूरी पर बाइक से चल रहे थे अचानक ये सड़क पर गिर पड़े। हम लोगों ने गाड़ी रोकी और इन्हें जाकर उठाया तो देखा कि रस्ते के बीच में लटक रहा मांझा इनके माथे के  निचले हिस्से में काफी अंदर तक काटकर घुस चूका था, जिससे माथे और भोहों के बीच का काफी हिस्सा मांझे से कट गया।

कुछ देर बाद डॉक्टर ने बताया की यह मांझा इतना तीखा था कि माथे के तक़रीबन आधा इंच अंदर घुस गया पर टूटा नहीं और इस मांझे के कटने से उन बुजुर्ग के माथे पर टांके लगाने पड़े पर गनीमत रही की उनकी आँखों की रौशनी बाल बाल बच गई।

दोस्तों मेरे इस लेख का मकसद पतंग और मांझे के व्यापर से जुड़े किसी भी व्यक्ति के व्यापार को हानि पहुँचाना नहीं है बल्कि आप लोगों को पतंग के इस मांझे से होने वाले  नुकसान के बारे में जागरूक करना है। मेरी आप सब लोगों से  गुज़ारिश है कि हो सके तो इस बार हम लोग पतंग न उड़ाने का संकल्प लें, क्योंकि मांझा चाहे चाइनीज़ हो या देशी मेरा मानना है कि पक्षी किसी भी तरह के मांझे में फंस सकते हैं व जान से हाथ धो बैठते हैं। कई बार यह भी देखने में आया है कि कुछ बच्चे तो इस पतंग को उड़ाने में इतने मस्त हो जाते हैं कि उनको छत के आखरी छोर का भी अंदाज़ा नहीं लगता और वे छत से गिरकर या तो गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं या जान ही गंवा बैठते है। ऐसी ख़बरें तक़रीबन हर साल इस अगस्त के माह में अख़बार में या टी वी पर न्यूज़ चैनल में देखी जा सकती हैं। 

दोस्तों आपने भी ऐसी कई ख़बरें सुनी होंगी। लेकिन मेरी आपसे हाथ जोड़कर बिनती है की यह लेख अपने सभी दोस्तों, मित्रो एवं रिश्तेदारों को जरूर पढ़वायें या इस बारे में उन्हें भी बताएं। इसे ज़्यादा से ज़्यादा लोगों के साथ share करें। मेरा इस लेख को लिखने के पीछे कोई लोभ या लालच नहीं है, मैं सिर्फ आप लोगों का व बेजुबान पक्षियों का भला चाहता हूँ। 

आपका प्यारा दोस्त रमजोत सिंह





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04 January, 2016

अज्ञान का अँधेरा

भगत नामदेव जी 

नमस्कार दोस्तों  मैं  रमजोत सिंह आज आपके लिए एक और काम की बात ले कर आया हूँ  जिसमे आपका भगवान के प्रति विश्वास  और  भी बढ़ जायेगा दोस्तों कुछ लोग भगवान पर विश्वास करते हैं पर कुछ लोग बहुत ही नास्तिक होते हैं  शायद  इस कहानी को पढ़ कर नास्तिक लोग भगवन पर विश्वास करने लगें। संत नामदेव अपने शिष्यों के साथ रोज की तरह धर्म चर्चा में लीन थे। तभी एक जिज्ञासु उनसे प्रश्न  कर बैठा - गुरुदेव, कहा जाता है कि ईश्वर हर जगह मौजूद है , तो उसे अनुभव कैसे किया जा सकता है ?  क्या आप उसकी प्राप्ति का कोई उपाय बता सकते हैं ? नामदेव यह सुनकर मुस्कराये ।  फिर उन्होंने उसे एक लोटा पानी और थोड़ा  सा नमक लाने को कहा। वहां उपस्थित शिष्यों की उत्सुकता बढ़ गई।  वे सोचने लगे, पता नहीं उनके गुरुदेव  कौन सा  प्रयोग करना चाहते हैं।  नमक और पानी के आ जाने पर नामदेव ने नमक को पानी में छोड़ देने को कहा।  जब नमक पानी में घुल गया तो नामदेव ने पूछा - बताओ क्या तुम्हे इसमें नमक दिख रहा है ? जिज्ञासु बोला - नहीं गुरुदेव ,  नमक तो इसमें पूरी तरह घुल -  मिल गया है।  नामदेव ने उसे पानी चखने को कहा।  उसने चखकर कहा - जी, इसमें नमक उपस्थित है पर वह  दिखाई नहीं दे रहा। अब नामदेव ने उसे जल उबालने को कहा।  पूरा जल जब भाप बन गया तो नामदेव ने पूछा - क्या इसमें वह दिखता है ?  जिज्ञासु ने गौर से लोटे को  देखा और कहा - हाँ , अब इसमें नमक दिख रहा है । तब नामदेव ने समझाया- जिस तरह नमक पानी में होते हुए भी दिखता नही, उसी तरह ईश्वर  भी हर जगह अनुभव किया जा सकता है मगर वह दिखता नहीं ।  और जल को गर्म करके तुमने नमक पा लिया उसी प्रकार तुम भी उचित तप और कर्म करके ईश्वर  की प्राप्ति कर सकते हो।  वहाँ  मौजूद लोग इस व्याख्या को सुनकर संत नामदेव के प्रति नतमस्तक हो गए।  


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01 September, 2015

अपने ऊपर विश्वास करना सीखें। (Self-confidence)

काफी लम्बे समय तक मुझमें आत्मविश्वास की बहुत कमी थी, यह मेरी ज़िन्दगी में एक बहुत बड़ी कमी थी।   

मैं एक आदर्श करियर को आगे नहीं बढ़ा पा रहा था या अपना खुद का business नहीं शुरू कर पा रहा था, क्योंकि मैं नहीं जानता था कि मैं कर पाऊँगा या नहीं। मैं discipline  में था लेकिन मुझमें दृढ़ता की कमी थी। मैं लड़कियों से शर्माता था, मेरे लिए नए दोस्त बनाना बहुत मुश्किल था, मैं अपने workplace  पर ठीक से काम नहीं कर पा रहा था। मैं अपने बीते हुए कल को भुलाकर चिंतामुक्त नहीं हो पा रहा था।  

ये सब इसलिए क्योंकि मुझे विश्वास नहीं था कि मैं कर पाऊँगा या नहीं। 

इन दिनों मैं अपने आपको दुविधा से मुक्त नहीं कर पा रहा था, फिर भी मैं ईमानदारी से कह सकता हूँ कि इससे पहले मुझे अपने आप पर इतना विश्वास कभी नहीं था। इसका मतलब यह नही कि मैंने यह सोचा कि मैं कभी असफल नहीं होऊँगा या छोड़ दूँगा, ऐसा नहीं है।

इन सबसे मैंने यह सीखा कि सबसे अच्छा है कि कोशिश करो और असफल हो जाओ, बजाए इसके कि कोशिश न करना और अपने Perfect होने तक इंतज़ार करना। ऐसा कभी नहीं होता कि आप किसी से मिलें और वह तत्काल आपको पसंद करने लगे। कुछ रचनात्मक कीजिये और लोगों को उसका आँकलन करने दीजिये।  

बार बार असफल हो रहे हो, ठीक से नही कर पा रहे हो, गलतियाँ कर रहे हो, लोग आपसे सहमत नहीं हैं, 
आप जो कर रहे हैं उसको पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया जा रहा। यह सब नकारात्मक बातें नहीं है, बल्कि सकारात्मक हैं।

असफलता सकारात्मक कैसे है ? यही एक रास्ता है जिससे हम सीखते हैं; उदाहरण के लिए आप गणित की किताब पढ़ सकते हैं, लेकिन जब तक आप पढ़े हुए को try नहीं करोगे और उसमें असफल नहीं होंगे, आपको पता नहीं चलेगा की आपको कितना समझ आया। सीखने का सबसे अच्छा तरीका है कि किसी चीज़ के बारे में पहले अध्ययन कीजिये, फिर कोशिश कीजिये, करके देखें, गलती करें और उन गलतियों से और ज्यादा सीखें। 

गलतियां सकारात्मक कैसे हैं ? ये छोटे-छोटे टुकड़ों में प्रितिक्रियाएं हैं जो हमारे सीखने और आगे बढ़ने के लिए जरुरी हैं। 

अगर किसी सकारात्मक कार्य को ठुकराया जा रहा है, तो इसका मतलब मैं पूरी तरह से सामाजिक रूप से स्वीकार्य दायरे से परे कोई काम कर रहा हूँ। इतिहास में अच्छे लोगों को कभी भी स्वीकारा नहीं गया। सच बोलने वाले जैसे : सुकरात, ईसा मसीह, महात्मा गाँधी, Proudhon और Bakunin, मार्टिन लूथर किंग जूनियर, पशु अधिकारों के तत्वज्ञानी पीटर सिंगर, संयुक्त राष्ट्र के स्कूली शिक्षा अग्रणी जॉन होल्ट, महिला अधिकारों के कार्यकर्ता, उन्मूलनकर्ता इत्यादि। 

ये ऐसी चीज़ें हैं जिनसे हम डरते हैं - ये चीज़ें असल में जरुरी भी हैं। हमें इन चीज़ों को सही नज़रिये से देखना सीखना होगा। कामयाबी की तरफ बढ़ने की राह में इन प्रतिक्रियों को गले लगाना होगा न कि इनसे डरकर अपने काम को बीच में छोड़ देना सही है। 

कब हम अपने प्रयास से अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं, क्या है जिसके लिए ज्यादा अभ्यास की जरूरत है, हम उन चीज़ों को ठीक करने का प्रयास कर सकते हैं, जो हमें आगे बढ़ने से रोकती हैं।  

तो इन चीज़ों का अभ्यास जरूर कीजिये :
  • बीते समय में हुई गलतियों को भुलाकर, आगे बढ़ने के बारे में सोचें। 
  • अपने आपको बीते हुए कल से निकाल कर आज के बारे में सोचें, चाहे लोग आपको accept करें या न करें।  
  • दृढ़ता से आगे बढ़ें, अपने दिमाग में आने वाली उन नकारात्मक बातों की तरफ ध्यान न दें, जो आपको आगे बढ़ने से रोकती हैं। 
  • और अधिक  दृढ़ता से आगे बढ़ें, और अपने ऊपर विश्वास करना सीखें। 
  • मुश्किल परिस्थितियों में भी सकारात्मक रहना सीखें। 
  • बार-बार के प्रयास से सीखें, असफल होने पर भी सकारात्मक नजरिया बनाये रखें। 
  • बार-बार के प्रयोग से सीखें ताकि आप उससे भी अधिक बलवान हों, जितना कि आप सोचते हैं। 
इसी प्रयास में आप अपने आपको खोज पाएंगे और आपको एहसास होगा कि इन सभी के बावजूद आप श्रेष्ठ थे। अपने ऊपर विश्वास करना सीखें, जितना हो सके नकारात्मक सोच से बाहर निकलने की कोशिश करें। अगर आप ऐसा कर लेंगे, तो आप वो सब पा लेंगे जिसके बारे में आप सोचते हैं। 

यह लेख How to Believe in Yourself से प्रेरणा लेकर लिखा गया है। 

हो सकता है इस Article को हिंदी में Translate करने में मुझसे कोई कमी रह गयी हो। आप सभी के comments मेरा मार्गदर्शन करेंगे। So Please, comment करना न भूलें। 

दोस्तों अगर आपको मेरा यह Article अच्छा लगा हो तो अपने friends के साथ share करना न भूलें। 

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19 August, 2015

इंटरनेट से कमाई के पाँच तरीके

दोस्तों आजकल हर कोई चाहता है कि अपनी रूटीन जॉब के आलावा कोई Part Time Job की जाये जिससे कुछ Extra Income हो सके। आजकल इंटरनेट पर Work From Home और Part Time Job के नाम से आपको बहुत सी ऐसी वेबसाइट मिल जाएँगी, लेकिन दोस्तों इनमे से ज्यादातर sites भरोसेमंद नहीं हैं, इसलिए किसी भी website को  join करने से पहले उस वेबसाइट के बारे में अच्छे से जानकारी प्राप्त करलें। 

आज मैं आपको ऐसी ही कुछ websites के बारे मैं बताने जा रहा हूँ, जो कि भारतीय लोगों के लिए काफी अच्छी साबित हो रही हैं। इन websites को join करके आप घर बैठे इंटरनेट के जरिये अच्छी खासी कमाई कर सकते हैं। 

1. ई शॉपिंग website के जरिए 
इंटरनेट पर आजकल बहुत सी ई शॉपिंग साइट्स हैं जिनके Add link अपनी वेबसाइट या ब्लॉग पर लगाकर बिना पैसा खर्च किये कमीशन प्राप्त की जा सकती है। ऐसी ही कुछ वेबसाइट हैं flipkart.com, amazon.com, ebay.com, snapdeal.com, askmebazar.com आदि। इन websites पर अपना अकाउंट बनाकर इनके द्वारा बेचे जाने वाले प्रोडक्ट्स के लिंक या इमेज बैनर अपने ब्लॉग या वेबसाइट पर लगाकर आप 5 से 35 प्रतिशत तक कमीशन प्राप्त कर सकते हैं। 


2. फ्रीलान्स वर्क के जरिए 

अगर आपके पास कोई हुनर है तो ऐसी बहुत सी websites हैं, जैसेकि freelancer.com, elance.com, odesk.com आदि।  जिनके जरिये आप अपने हुनर को बेचकर या कहें दूसरे लोगों को अपनी सेवाएं देकर कुछ extra earn कर सकते हैं। इसके लिए आपको कहीं जाने की जरुरत नहीं है, बस इन websites पर अपना अकाउंट बनाकर, इस वेबसाइट पर दी गयी अलग अलग केटेगरी में से अपने हुनर से संबंधित काम चुनकर शुरू हो जाइए। 



3. ईमेल पढ़कर


जी हाँ, आपने बिलकुल सही पढ़ा इंटरनेट पर कुछ ऐसी वेबसाइट भी मौजूद हैं जो आपको ईमेल पढ़ने पर पैसे देती हैं, जैसेकि clixsense.com, neobux.com, trafficmonsoon.com आदि।  इन sites पर अपने आपको रजिस्टर करके इनके through आपके inbox में आने वाली mails पर क्लिक करके आपको कुछ सर्वे के जवाब देने होंगे, जिसके बदले ये कंपनियां आपको पैसे देंगी। इसके अलावा इन sites पर कुछ और काम भी हैं मसलन Ads पर क्लिक करके आप पैसे कमा सकते हैं या फिर कुछ ऐसी Games है जिनको खेलने पर आपको पॉइंट्स मिलेंगे जिनको आप कैश में तब्दील कर सकते हैं। इसके अलावा इन साइट्स के लिंक द्वारा अपने दोस्तों को refer करके भी कमाई की जा सकती है। हालांकि इन sites पर कमाई का ग्राफ थोड़ा slow है, लेकिन आप फिर भी लाभ उठा सकते हैं। 



4. Youtube पर वीडियो अपलोड करके

Youtube पर video upload करके भी आप अच्छी कमाई कर सकते हैं। इसके लिए Youtube पर आपका अकाउंट होना चाहिए और यदि आप Gmail का प्रयोग कर रहे हैं तो नया अकाउंट बनाने की जरुरत नहीं है। इसके लिए वीडियो आपकी खुद की होनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि अगर आप किसी दूसरे की वीडियो Youtube पर अपलोड करते हैं तो आपका Youtube अकाउंट बैन हो सकता है।

  
5.  ऑनलाइन ट्यूशन टीचर बनकर 
अगर आपको किसी विषय में अच्छी जानकारी है तो आप घर बैठे बैठे इंटरनेट के जरिये दुनिया के किसी भी कोने में बैठे विद्यार्थी को ट्यूशन पढ़ाकर भी अच्छी कमाई कर सकते हैं। आजकल online tutors की बहुत माँग भी है। 

तो दोस्तों आज मैंने इंटरनेट पर कमाई के क्या क्या साधन उपलब्ध हैं इसके बारे में आपको बताया है। ऐसा नहीं है कि जिन साधनों की मैंने यहाँ चर्चा की है, केवल यही सिमित साधन हैं इसके अलावा भी और कई साधन हैं जिनके द्वारा आप इंटरनेट से कमाई कर सकते हैं। आप खुद से एक बार Google पर सर्च कीजिये। आपको और बहुत कुछ मिल जायेगा।  

आपको मेरा यह लेख कैसा लगा। इस लेख के अंत में comment करना न भूलें।

प्यारे दोस्तों जल्द ही इस ब्लॉग के अगले पोस्ट के साथ आपकी सेवा में हाजिर होऊंगा।
आपका दोस्त रमजोत सिंह



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24 July, 2015

मेरे ब्लॉग की शुरुआत

मेरे सभी प्रिये मित्रों को मेरा प्रणाम, आशा है आप सभी अच्छे होंगे।


पिछले कुछ समय से मैं एक ब्लॉग बनाने के बारे में सोच रहा था लेकिन confuse था की topic क्या चुनूं , जिसके जरिये आप लोगों की कुछ मदद भी कर सकूँ और internet से कुछ सीख भी सकूँ। ओर आज इसी सोच को अंतिम रूप देने के लिए मैंने ये ब्लॉग बातें काम की  शुरू किया। 

इस ब्लॉग को शुरू करने के लिए मैं सबसे पहले गोपाल मिश्रा जी का धन्यवाद करना चाहूंगा जिन्होंने  इस ब्लॉग को शुरू करने के लिए मेरी बहुत मदद की। पिछले कई दिनों से मैं उनके ब्लॉग  http://www.achhikhabar.com/ को follow कर रहा हूँ। उनके जरिये ही मुझे इस ब्लॉग को बनाने का idea आया। गोपाल जी के इस  ब्लॉग के जरिये ही मुझे यह बात सीखने को मिली कि इस संसार में कोई भी काम करना मुश्किल नहीं जरुरत है तो बस जुनून की और जो काम आप करना चाहते हैं उसके बारे में सही जानकारी की।

मैं एक बार फिर से धन्यवाद करना चाहूंगा गोपाल मिश्रा जी का जिनकी प्रेरणा से मैं यह ब्लॉग शुरू कर पाया।

प्यारे दोस्तों जल्द ही इस ब्लॉग के अगले पोस्ट के साथ आपकी सेवा में हाजिर होऊंगा।
आपका दोस्त रमजोत सिंह



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